उत्तर प्रदेश

जमीन के नीचे दबा मिला खजाना, सिक्कों की लिखावट ने खोला मुगलकाल का राज

nidhi
2 Oct 2026 11:21 AM IST
जमीन के नीचे दबा मिला खजाना, सिक्कों की लिखावट ने खोला मुगलकाल का राज
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अकबर के दौर से जुड़ी अहम कड़ी

झांसी/दतिया : एक पुराने खंडहर मकान की जमीन के नीचे से चांदी के सिक्कों का खजाना मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खुदाई के दौरान मिट्टी के भीतर दबे कई पुराने सिक्के सामने आए, जिन पर मौजूद लिखावट और निशानों ने इतिहासकारों और पुरातत्व से जुड़े लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। शुरुआती तौर पर इन सिक्कों को मुगलकाल, खासकर अकबर के शासनकाल से जोड़कर देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि जिस मकान से यह खजाना मिला वह लंबे समय से खंडहर अवस्था में पड़ा था। स्थानीय स्तर पर जमीन की सफाई और खुदाई के दौरान अचानक धातु जैसी वस्तु दिखाई दी। इसके बाद जब आसपास की मिट्टी हटाई गई तो एक के बाद एक कई चांदी के सिक्के बरामद हुए। सिक्कों पर फारसी लिपि जैसी लिखावट और मुगलकालीन प्रतीक दिखाई देने की बात कही जा रही है। इन्हीं निशानों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इनका संबंध सम्राट अकबर के दौर से हो सकता है। हालांकि इन सिक्कों की सटीक तारीख और ऐतिहासिक काल की पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद ही संभव होगी।
अकबर का शासनकाल 16वीं शताब्दी में रहा और उस समय चांदी के सिक्कों का व्यापक इस्तेमाल होता था। मुगलकाल में मुद्रा व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर खास जोर दिया गया था। अलग-अलग टकसालों से जारी सिक्कों पर शासक का नाम, धार्मिक या प्रशासनिक वाक्य और टकसाल से जुड़ी जानकारी अंकित होती थी। मिले हुए सिक्कों पर लिखी इबारत से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे किस टकसाल में ढाले गए थे और किस वर्ष जारी किए गए। विशेषज्ञों के मुताबिक पुरानी मुद्राओं पर मौजूद प्रत्येक निशान इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है।
खजाना मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन को भी इसकी सूचना दी गई। पुरातात्विक महत्व को देखते हुए सिक्कों को सुरक्षित रखने और उनकी गिनती तथा जांच की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। ऐसे मामलों में सिक्कों की धातु संरचना, वजन, आकार और लिखावट का अध्ययन किया जाता है। इससे उनकी प्रामाणिकता और समयकाल का पता लगाया जा सकता है। यदि ये सिक्के अकबरकालीन साबित होते हैं तो यह खोज स्थानीय इतिहास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
इतिहासकारों के अनुसार पुराने समय में युद्ध, लूटपाट या असुरक्षा के दौर में लोग अपनी संपत्ति को जमीन के भीतर छिपा देते थे। कई बार मालिक के वापस न लौट पाने के कारण ऐसे खजाने सदियों तक मिट्टी में दबे रह जाते थे।
खंडहर मकान के नीचे मिले इन चांदी के सिक्कों ने एक बार फिर इस संभावना को मजबूत किया है कि पुराने बस्तियों और भवनों के नीचे इतिहास की कई परतें आज भी छिपी हो सकती हैं। फिलहाल सिक्कों की वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व को लेकर विशेषज्ञ जांच का इंतजार है। इसके बाद ही साफ हो पाएगा कि यह खजाना वास्तव में अकबर के शासनकाल से जुड़ा है या किसी अन्य मुगलकालीन दौर का हिस्सा है।
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